Saturday, August 13, 2016

Shri Hanumat Bisa श्री हनुमद् बीसा


Shri Hanumat Bisa 
Shri Hanumat Bisa is in Hindi. It is composed by Yashpalji. Yashpalji was a great devotee of God Hanuman. Hanumat Bisa is very pious & powerful. God Hanuman blesses the devotee who recites this Hanumat Bisa every day.
श्री हनुमद् बीसा 
                      ॥ दोहा ॥
राम भक्त विनती करुँ, सुन लो मेरी बात ।
दया करो कुछ मेहर उपाओ, सिर पर रखो हाथ ॥ १ ॥
                       ॥ चौपाई ॥
जय हनुमन्त, जय तेरा बीसा । कालनेमि को जैसे खिंचा ॥ १ ॥
करुणा पर दो कान हमारो । शत्रु हमारे तत्क्षण मारो॥ २ ॥
राम भक्त, जय जय हनुमन्ता । लंका को थे किये विध्वंसा ॥ ३ ॥
सीता खोज खबर तुम लाए । अजर अमर के आशीष पाए ॥ ४ ॥
लक्ष्मण प्राण विधाता हो तुम । राम के अतिशय पासा हो तुम ॥  ५ ॥ 
जिस पर होतेतुम अनुकूला । वह रहता पतझड में फूला ॥ ६ ॥
रामभक्त तुम मेरी आशा । तुम्हें ध्याऊँ मैं दिन राता ॥ ७ ॥
आकर मेरे काज संवारो । शत्रु हमारे तत्क्षण मारो ॥ ८ ॥
तुम्हारी दया से हम चलते हैं । लोग न जाने क्यों जलते हैं ॥ ९ ॥
भक्त जनों के संकट टाले । राम द्वार के हो त रखवाले ॥ १० ॥
मेरे संकट दूर हटा दो । द्विविधा मेरी तुरन्त मिटा दो ॥ ११ ॥
रुद्रावतार हो मेरे स्वामी । तुम्हरे जैसा कोई नाहीं ॥ १२ ॥
ॐ हनु हनु हनुमन्त का बिसा । बैरिहु मारु जगत के ईशा ॥ १३ ॥
तुम्हरो नाम जहॉं पढ जावे । बैरि व्याधि न मेरे आवे ॥ १४ ॥
तुम्हरा नाम जगत् सुख दाता । खुल जाता हैं राम दरवाजा ॥ १५ ॥    
संकट मोचन प्रभु हमारो । भूत प्रेत पिशाच को मारो ॥ १६ ॥
अंजनी पुत्र नाम हनुमन्ता । सर्व जगत बजता हैं डंका ॥ १७ ॥
सर्व व्याधि नष्ट हो जावे । हनुमद् बीसा जो कह पावे ॥ १८ ॥
संकट एक न रहता उसको । हं हं हनुमंत कहता नर जो ॥ १९ ॥
हृीं हनुमंते नमः जो कहता । उससे तो दुःख दूर ही रहता ॥ २० ॥
                          ॥ दोहा॥
मेरे राम भक्त हनुमन्ता, कर दो बेडा पार ।
हूँ दीन मलीन कुलीन बडा, कर लो मुझे स्वीकार ॥ १ ॥
राम लछन सीता सहित, करो मेरा कल्याण ।
संताप हरो तुम मेरे स्वामी, बना रहे सम्मान ॥ २ ॥
प्रभु रामजी माता जानकी जी, सदा हों सहाई ।
संकट पडा यशपाल पे, तभी आवाज लगाई ॥ ३ ॥
॥ इति श्री यशपालजी कृत श्रीमद् हनुमन्त बीसा संपूर्णम् ॥  
Shri Hanumat Bisa 
श्री हनुमद् बीसा 



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