Tuesday, August 26, 2014

Shri Angarak Ashtottar ShatNamavalihi श्री अंङ्गारक अष्टोत्तर शतनामावलिः


Shri Angarak Ashtottar ShatNamavalihi 
Shri Angarak Ashatottar ShatNamavalihi is in Sanskrit. It is from Bhavishya Purana. It is said that when Mangal is in 6th, 7th, 8th or 12th house in the horoscope or it is in Karka Rashi or along with Saturn, Mercury or Rahu then such people should recite these 108 pious names of Mangal.


श्री अंङ्गारक अष्टोत्तर शतनामावलिः
१) ॐ महीसुताय नमः २) ॐ महाभागाय नमः ३) ॐ 

मङ्गलाय नमः ४) ॐ मङ्गलप्रदाय नमः ५) ॐ महावीराय 

नमः ६) ॐ महाशूराय नमः ७) ॐ महाबल पराक्रमाय नमः 

८) ॐ महारौद्राय नमः ९) ॐ महाभद्राय नमः १०) ॐ 

माननीयाय नमः ११) ॐ दयाकराय नमः १२) ॐ मानदाय 

नमः १३) ॐ अमर्षणाय नमः १४) ॐ क्रूराय नमः १५) ॐ 

ताप पाप विवर्जिताय नमः १६) ॐ सुप्रतीकाय नमः १७) ॐ 

सुताम्राक्षाय नमः १८) ॐ सुब्रह्मण्याय नमः १९) ॐ 

सुखप्रदाय नमः २०) ॐ वक्रस्तंभादि गमनाय नमः २१) ॐ 

वरेण्याय नमः २२) ॐ वरदाय नमः २३) ॐ सुखिने नमः 

२४) ॐ वीरभद्राय नमः २५) ॐ विरुपाक्षाय नमः २६) ॐ 

विदूरस्थाय नमः २७) ॐ विभावसवे नमः २८) ॐ नक्षत्र 

चक्र संचारिणे नमः २९) ॐ नक्षत्र रुपाय नमः ३०) ॐ क्षात्र 

वर्जिताय नमः ३१) ॐ क्षय वृद्धि विनिर्मुक्ताय नमः ३२) ॐ 

विचक्षणाय नमः ३३) ॐ अक्षीण फलदाय नमः ३४) ॐ 

चक्षुर्गोचराय नमः ३५) ॐ शुभलक्षणाय नमः ३६) ॐ 

वीतरागाय नमः ३७) ॐ वीतभयाय नमः ३८) ॐ विज्वराय 

नमः ३९) ॐ विश्र्व कारणाय नमः ४०) ॐ नक्षत्र राशि 

संचाराय नमः ४१) ॐ नानाभय निकृंतकाय नमः ४२) ॐ 

कमनीयाय नमः ४३) ॐ दयासाराय नमः ४४) ॐ 

कनत्कनक भूषणाय नमः ४५) ॐ भयघ्नाय नमः ४६) ॐ 

भव्य फलदाय नमः ४७) ॐ भक्ताभय वरप्रदाय नमः ४८) 

ॐ शत्रुहंत्रे नमः ४९) ॐ शमोपेताय नमः ५०) ॐ शरणागत 

पोषकाय नमः ५१) ॐ साहसाय नमः ५२) ॐ 

सद्गुणाध्यक्षाय नमः ५३) ॐ साधवे नमः ५४) ॐ समर 

दुर्जयाय नमः ५५) ॐ दुष्टदूराय नमः ५६) ॐ शिष्टपूज्याय 

नमः ५७) ॐ सर्व कष्ट निवारकाय नमः ५८) ॐ दुश्र्चेष्टा 

वारकाय नमः ५९) ॐ दुःखभंजनाय नमः ६०) ॐ दुर्धराय 

नमः ६१) ॐ हरये नमः ६२) ॐ दुस्स्वप्नहंत्रे नमः ६३) ॐ 

दुर्धर्षाय नमः ६४) ॐ दुष्ट गर्व विमोचकाय नमः ६५) ॐ 

भरद्वाज कुलोद्भवाय नमः ६६) ॐ भूसुताय नमः ६७) ॐ 

भव्य भूषणाय नमः ६८) ॐ रक्तांबराय नमः ६९) ॐ 

रक्तवपुषे नमः ७०) ॐ भक्तपालन तत्पराय नमः ७१) ॐ 

चतुर्भुजाय नमः ७२) ॐ गदाधारिणे नमः ७३) ॐ 

मेषवाहनाय नमः ७४) ॐ मिताशनाय नमः ७५) ॐ शक्ति 

शूल धराय नमः ७६) ॐ शक्ताय नमः ७७) ॐ शस्त्र विद्या 

विशारदाय नमः ७८) ॐ तार्किकाय नमः ७९) ॐ 

तामसाधाराय नमः ८०) ॐ तपस्विने नमः ८१) ॐ 

ताम्रलोचनाय नमः ८२) ॐ तप्त कांचन संकाशाय नमः  

८३) ॐ रक्तकिंजल्क सन्निभाय नमः ८४) ॐ 

गोत्राधिदेवताय नमः ८५) ॐ गोमध्यचराय नमः ८६) ॐ 

गुणविभूषिताय नमः ८७) ॐ असृजे नमः ८८) ॐ 

अङ्गारकाय नमः ८९) ॐ अवंती देशाधीशाय नमः ९०) ॐ 

जनार्दनाय नमः ९१) ॐ सूर्ययाम्य प्रदेशस्थाय नमः ९२) ॐ 

यौवनाय नमः ९३) ॐ याम्यदिङ्मुखाय नमः ९४) ॐ 

त्रिकोणमंडलगताय नमः ९५) ॐ त्रिदशाधिप सन्नुताय नमः 

९६) ॐ शुचये नमः ९७) ॐ शुचिकराय नमः ९८) ॐ शूराय 

नमः ९९) ॐ शुचिवश्याय नमः १००) ॐ शुभावहाय नमः 

१०१) ॐ मेषवृश्र्चिकराशीशाय नमः १०२) ॐ मेधाविने नमः 

१०३) ॐ मितभाषिणे नमः १०४) ॐ सुखप्रदाय नमः १०५) 

ॐ सुरुपाक्षाय नमः १०६) ॐ सर्वाभीष्ट फलप्रदाय नमः 

१०७) ॐ श्रीमते अङ्गारकाय नमः १०८) ॐ मंगलाय नमः

॥ इति श्री अंङ्गारक अष्टोत्तर शतनामावलि संपूर्ण ॥      
Shri Angarak Ashtottar ShatNamavalihi 

श्री अंङ्गारक अष्टोत्तर शतनामावलिः


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